Pitra Dosh Nivaran Puja · Shradh · Tarpan · Pind Daan · Narayan Bali · Ujjain Mahakal · Authentic Vedic Ritual
प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक
Proxy Puja (Online) भी उपलब्ध
पितृ दोष (Pitra Dosh / Pitru Dosh) तब उत्पन्न होता है जब हमारे पूर्वजों की आत्मा अतृप्त रहती है — या जब उनका विधिपूर्वक श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान नहीं होता। यह दोष कुंडली में राहु-केतु, सूर्य या बृहस्पति की विशेष स्थिति से पहचाना जाता है।
पितृ दोष के कारण संतान बाधा, विवाह में देरी, करियर में रुकावट, परिवार में कलह, लंबी बीमारियां और अचानक आर्थिक संकट जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। पितर रुष्ट हों तो जीवन में उनकी छाया बनी रहती है।
उज्जैन — क्षिप्रा नदी के तट पर — में पितृ दोष निवारण पूजा, शास्त्रोक्त श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और नारायण बलि का अत्यंत विशेष महत्व है। यहाँ पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है।
पितृ दोष निवारण — पूर्वजों की कृपा से जीवन में शांति
यदि नीचे दी गई स्थितियां आपके जीवन में हैं, तो पितृ दोष निवारण पूजा तुरंत करवाएं।
संतान नहीं हो रही, बार-बार गर्भपात, संतान को रोग या कष्ट — पितृ दोष का सबसे सामान्य लक्षण।
विवाह योग बनता है पर टूट जाता है, उचित वर-वधू नहीं मिलते, वैवाहिक जीवन में कलह।
परिवार के सदस्यों को एक के बाद एक रोग, उपचार का असर नहीं — पितृ पीड़ा का संकेत।
कमाई होती है पर टिकती नहीं, व्यापार में अचानक नुकसान, ऋण का बोझ बढ़ता जाता है।
रात में बुरे सपने, मृत पूर्वजों का सपने में आना, नींद न आना — पितरों की अतृप्ति का संकेत।
पूरी मेहनत के बाद भी हर काम बीच में रुकता है, प्रयास व्यर्थ जाते हैं, लक्ष्य दूर रहता है।
परिवार में बात-बात पर झगड़ा, एकता नहीं, घर में नकारात्मक ऊर्जा — पितृ कुपित होने का संकेत।
राहु-सूर्य युति, 9वें भाव में पाप ग्रह, शनि-चंद्र पीड़ा — ज्योतिष से पितृ दोष की पहचान।
🙏 यदि इनमें से कोई भी लक्षण आपके जीवन में हैं — अभी निःशुल्क परामर्श लें
📞 निःशुल्क परामर्श लेंज्योतिष शास्त्र और गरुड़ पुराण के अनुसार पितृ दोष कई प्रकार के होते हैं — प्रत्येक का निवारण अलग विधि से होता है।
कुंडली में राहु या केतु सूर्य के साथ हो, तो पितृ दोष प्रबल होता है। पिता पक्ष की समस्याएं।
माता पक्ष का दोष — मातृकुल की अतृप्त आत्माओं से उत्पन्न। मानसिक कष्ट और भावनात्मक अशांति।
परिवार में किसी की दुर्घटना या अकाल मृत्यु हुई हो और विधिपूर्वक अंतिम संस्कार न हो।
पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान न होने से पितर अतृप्त रहते हैं और वंश को कष्ट देते हैं।
अपनी आवश्यकता और पितृ दोष की तीव्रता के अनुसार पैकेज चुनें। प्रत्येक पैकेज में व्यक्तिगत संकल्प और शास्त्रोक्त विधि सम्मिलित।

पितृ दोष शांति · पुण्यवाचन पूजा
📍 पूजन स्थान: उज्जैन क्षिप्रा तट एवं महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
🎥 Video Recording उपलब्ध (Standard & Premium)
🌐 Proxy Puja: घर बैठे Live देख सकते हैं
पितृ दोष जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करता है। समय रहते निवारण करने से सभी समस्याओं का समाधान होता है।
| जीवन का क्षेत्र | पितृ दोष से समस्या | तीव्रता | निवारण के बाद लाभ |
|---|---|---|---|
| 👶 संतान एवं वंश | संतान नहीं होती, बार-बार गर्भपात, संतान का कष्ट | अत्यधिक | संतान प्राप्ति का मार्ग खुलता है, संतान सुखी एवं स्वस्थ |
| 💑 विवाह एवं दांपत्य | विवाह में बाधा, रिश्ते टूटते हैं, दांपत्य कलह | अत्यधिक | विवाह बाधा दूर, गृहस्थ जीवन में सुख-शांति |
| 🏥 परिवार का स्वास्थ्य | परिवार में एक के बाद एक रोग, उपचार असर नहीं | अत्यधिक | पारिवारिक स्वास्थ्य में सुधार, दीर्घायु |
| 💸 आर्थिक स्थिति | धन आता है पर टिकता नहीं, ऋण बढ़ता है | अत्यधिक | आर्थिक स्थिरता, धन में वृद्धि, व्यापार में उन्नति |
| 🚀 करियर एवं व्यापार | बार-बार असफलता, पदोन्नति में रुकावट | मध्यम | करियर में उन्नति, नई संभावनाएं, सफलता |
| 🏠 गृह एवं परिवार | परिवार में क्लेश, एकता नहीं, नकारात्मक ऊर्जा | मध्यम | पारिवारिक सुख-एकता, घर में सकारात्मक वातावरण |
| 🧠 मानसिक शांति | बुरे सपने, भय, चिंता, अकारण उदासी | मध्यम | मानसिक शांति, आत्मबल, सकारात्मक विचार |
| 🙏 आध्यात्मिक जीवन | साधना में बाधा, देवकृपा नहीं मिलती | सुधार योग्य | पितर प्रसन्न, देव-गुरु कृपा, आध्यात्मिक उन्नति |
Pt. Akshay Sharma द्वारा शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न पितृ दोष निवारण पूजा — शास्त्र और परंपरा के अनुसार।
जातक का नाम, गोत्र, पिता, पितामह और प्रपितामह का नाम लेकर क्षिप्रा तट पर विधिवत संकल्प। तीन पीढ़ियों के पितरों का स्मरण एवं आवाहन।
पितृ दोष निवारण से पूर्व क्षिप्रा (शिप्रा) नदी में स्नान — शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि। तर्पण के लिए पवित्र जल ग्रहण।
तिल, कुश और गंगाजल से तीन पीढ़ियों के पितरों को जल तर्पण। प्रत्येक पितर का नाम लेकर विशेष मंत्रोच्चार के साथ तर्पण। यह अतृप्त आत्माओं को शांति देता है।
काले तिल, जौ, शहद और घी से बने पिंड — तीन पीढ़ियों के लिए अलग-अलग पिंड। क्षिप्रा के पवित्र जल में पिंड का विसर्जन। पितरों को मोक्ष का मार्ग।
पितृ स्तोत्र, गरुड़ पुराण मंत्र और विशेष श्राद्ध मंत्रों का उच्चारण। ब्राह्मण को भोजन कराना और दक्षिणा — पितरों को संतुष्टि का प्रतीक।
Standard पैकेज में शुद्ध हवन सामग्री से हवन। Premium पैकेज में नारायण बलि — अकाल मृत्यु से मृत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान।
सम्पूर्ण विधि के बाद महाआरती, प्रसाद वितरण। Pt. Akshay Sharma द्वारा व्यक्तिगत परामर्श, आगे के उपाय और रक्षा सूत्र। Video + Certificate (Standard & Premium)।
संतान बाधा दूर होती है, गर्भपात रुकता है और संतान सुखी एवं स्वस्थ रहती है।
विवाह की बाधाएं दूर होती हैं, उचित वर-वधू मिलते हैं, दांपत्य जीवन सुखमय।
धन में स्थिरता आती है, व्यापार में उन्नति, ऋण की समस्या से मुक्ति।
परिवार में एकता, गृहस्थ जीवन में शांति, कलह का अंत।
परिवार में बार-बार होने वाली बीमारियों में कमी, आरोग्य में सुधार।
नौकरी और व्यापार में सफलता, बाधाएं दूर, नए अवसर प्राप्त होते हैं।
अतृप्त पितर शांत होते हैं, उनकी आत्मा को मोक्ष मिलता है और वे आशीर्वाद देते हैं।
नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, मानसिक शांति आती है, जीवन में उद्देश्य मिलता है।
सही तिथि पर की गई पितृ पूजा कई गुना अधिक फलदायी होती है। Pt. Akshay Sharma कुंडली अनुसार शुभ मुहूर्त निर्धारित करते हैं।
भाद्रपद पूर्णिमा से अश्विन अमावस्या — श्राद्ध, तर्पण का सर्वश्रेष्ठ काल।
सर्वोत्तमप्रत्येक मास की अमावस्या — पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान का विशेष दिन।
अति शुभसोमवार को पड़ने वाली अमावस्या — पितृ शांति के लिए अत्यंत विशेष।
विशेषसूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर पितृ तर्पण — सूर्य दोष और पितृ दोष दोनों के लिए शुभ।
शुभकुंभ, अर्ध कुंभ और उज्जैन के विशेष पर्वों पर पिंडदान का अनंत फल।
महापर्वक्षिप्रा (शिप्रा) नदी पितरों के लिए पवित्रतम तीर्थ है। यहाँ पिंडदान करने से पितरों को सीधे मोक्ष प्राप्त होता है।
महाकाल मृत्यु के स्वामी हैं। उनकी नगरी में पितृ पूजा करने से पितर सीधे महाकाल की शरण में जाते हैं।
उज्जैन का सिद्धवट पितरों के लिए विशेष पवित्र है — यहाँ माँ सती ने भी तर्पण किया था।
उज्जैन कर्क रेखा पर स्थित है — यहाँ किए गए धार्मिक कर्म कालचक्र के साथ अनंत फलदायी होते हैं।
उज्जैन सात मोक्षदायिनी नगरियों में से एक — यहाँ पितरों को मोक्ष प्राप्त होने की पुरातन परंपरा है।

Pt. Akshay Sharma उज्जैन की पावन नगरी के अनुभवी और विद्वान वैदिक पंडित हैं। महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन से शुक्ल यजुर्वेद की उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने 10+ वर्षों में हजारों परिवारों को पितृ दोष निवारण, नारायण बलि, श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और समस्त वैदिक कर्मकांड से लाभान्वित किया है।
उनकी विशेषता यह है कि वे प्रत्येक जातक की कुंडली और वंशावली का गहन अध्ययन कर व्यक्तिगत पितृ दोष निवारण विधि तैयार करते हैं — तीन पीढ़ियों का संकल्प, व्यक्तिगत तर्पण मंत्र और पिंडदान।
एक दशक से अधिक वैदिक पितृ दोष निवारण, श्राद्ध, तर्पण और नारायण बलि का अनुभव।
5000 से अधिक परिवारों ने पितृ दोष निवारण से जीवन में सुख-शांति प्राप्त की है।
गरुड़ पुराण, वायु पुराण और यजुर्वेद की विधि से सम्पन्न — कोई समझौता नहीं।
उज्जैन की पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर — पितरों को मोक्ष का सर्वोत्तम स्थान।
कभी भी Call या WhatsApp करें — तुरंत परामर्श, कुंडली विश्लेषण और बुकिंग।
प्रत्येक जातक के लिए अलग वंशावली, संकल्प और तर्पण मंत्र — पूरी तरह व्यक्तिगत।
12 वर्षों से संतान नहीं हुई थी। कई डॉक्टरों से इलाज कराया। Pt. Akshay Sharma जी से पितृ दोष निवारण पूजा करवाई — 8 महीने बाद भगवान की कृपा से पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। पितरों का आशीर्वाद सचमुच होता है।
मेरी बहन के विवाह में 5 साल से रुकावट आ रही थी। कुंडली में पितृ दोष था। पंडित जी से तर्पण और पिंड दान करवाया। 3 महीने में रिश्ता तय हो गया और विवाह सम्पन्न हुआ। उज्जैन की यात्रा जीवन बदलने वाली रही।
परिवार में एक के बाद एक बीमारियां आ रही थीं — पिताजी, माताजी, फिर मेरे बच्चे। पंडित अक्षय शर्मा जी ने नारायण बलि करवाई। धीरे-धीरे सब ठीक होने लगा। घर में शांति और खुशी लौटी। हृदय से आभारी हूँ।
पितृ दोष तब उत्पन्न होता है जब हमारे पूर्वजों की आत्मा अतृप्त रहती है — श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान न होने के कारण। कुंडली में राहु-सूर्य की युति, नवम भाव में पाप ग्रह, या शनि की विशेष स्थिति से पितृ दोष पहचाना जाता है।
पितृ दोष निवारण में संकल्प, क्षिप्रा स्नान, तर्पण (जल अर्पण), पिंडदान (काले तिल-जौ के पिंड), पितृ मंत्र पूजा, ब्राह्मण भोजन, हवन और आरती होती है। गंभीर दोष में नारायण बलि भी सम्मिलित होती है।
Basic (Pitra Shanti Puja) — ₹3,500 | Standard (Shradh + Tarpan + Havan) — ₹11,000 | Premium (Narayan Bali + 5 Pandit) — ₹21,000। पहला परामर्श और कुंडली जांच निःशुल्क है। Call करें: +91 97521 52059
नारायण बलि उन पितरों की आत्मा शांति के लिए की जाती है जिनकी मृत्यु अकाल (दुर्घटना, आत्महत्या, अचानक) हुई हो। यह एक विशेष और जटिल अनुष्ठान है जो Premium पैकेज में सम्मिलित है। Pt. Akshay Sharma कुंडली देखकर इसकी आवश्यकता बताते हैं।
हाँ, Proxy Puja उपलब्ध है। जो जातक स्वयं नहीं आ सकते, उनके लिए Video Call पर Live पूजन और Video Recording भेजी जाती है। हालांकि स्वयं उज्जैन आकर क्षिप्रा तट पर पूजा में सम्मिलित होना सर्वाधिक फलदायी है।
पितृ पक्ष (भाद्रपद पूर्णिमा से अश्विन अमावस्या) सर्वोत्तम समय है। इसके अलावा प्रत्येक मास की अमावस्या, सोमवती अमावस्या और मकर संक्रांति पर भी पितृ पूजा का विशेष महत्व है। Pt. Akshay Sharma कुंडली अनुसार व्यक्तिगत मुहूर्त निर्धारित करते हैं।
हाँ, Pitra Dosh, Pitru Dosh और पितृ दोष एक ही दोष के अलग-अलग उच्चारण हैं। इसे Pitr Dosh, Pitru Dosha या Ancestor Defect भी कहते हैं। सभी के लिए एक ही निवारण — शास्त्रोक्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान।
उज्जैन के प्रमुख ज्योतिर्लिंग में विशेष दर्शन एवं पूजन।
राहु-केतु बाधा दूर करें, जीवन में स्थिरता लाएं।
मृत्युभय, रोग और ग्रह बाधा से मुक्ति के लिए।
सभी नौ ग्रहों की शांति, उज्जैन महाकाल में।
विवाह बाधा और मांगलिक दोष के निवारण के लिए।
महाकाल को पंचामृत से अभिषेक — मनोकामना पूर्ति।
विश्वसनीय वैदिक पंडित – उज्जैन महाकाल की नगरी से। Pt. Akshay Sharma | वेद विभूषित | 10+ वर्षों का अनुभव
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