Navgraha Shanti Puja (Navagraha Dosh Nivaran) · Ujjain Mahakal · Authentic Shastrokta Vedic Ritual
प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक
Proxy Puja (Online) भी उपलब्ध
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारे जीवन पर नौ ग्रहों — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — का गहरा प्रभाव पड़ता है। जब इनमें से कोई ग्रह अशुभ स्थिति में हो, तो जीवन में संकट उत्पन्न होते हैं।
नवग्रह शांति पूजन वह वैदिक अनुष्ठान है जिसमें इन सभी नौ ग्रहों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है, जिससे ग्रह दोषों का निवारण होता है और जातक के जीवन में शांति, सुख और समृद्धि आती है।
यह पूजन कुंडली में स्थित ग्रह दोष, महादशा, अंतर्दशा और गोचर के दुष्प्रभाव को शांत करने का सर्वश्रेष्ठ उपाय है।
नौ ग्रहों की शांति → जीवन में संतुलन और समृद्धि
यदि नीचे दिए गए 3 या अधिक लक्षण आपके जीवन में हैं, तो नवग्रह शांति पूजन आवश्यक है — तुरंत कुंडली जांच करवाएं।
परिश्रम के बाद भी परीक्षा, नौकरी या व्यापार में बार-बार असफलता मिलती है।
धन कमाने के बाद भी टिकता नहीं, अचानक खर्चे बढ़ जाते हैं, कर्ज में डूबे रहते हैं।
बिना कारण चिंता, क्रोध, अवसाद, नींद न आना और जीवन में नकारात्मकता।
विवाह में देरी, दांपत्य जीवन में कलह, तलाक की स्थिति, रिश्तों में दूरी।
शरीर में अज्ञात रोग, इलाज के बाद भी ठीक न होना, थकान और कमजोरी।
घर में निरंतर तनाव, रिश्तों में दरार, संतान से पीड़ा, पारिवारिक विवाद।
प्रमोशन न होना, व्यापार में नुकसान, नई नौकरी नहीं मिलती, प्रतिस्पर्धा में पीछे।
साढ़ेसाती, ढैय्या या राहु-केतु की महादशा में जीवन के हर क्षेत्र में संकट।
🪐 यदि 3 या अधिक लक्षण आपके जीवन में हैं — तुरंत कुंडली जांच करवाएं
📞 निःशुल्क परामर्श लेंप्रत्येक ग्रह जीवन के किसी न किसी पहलू को नियंत्रित करता है — पीड़ित ग्रह की शांति से संबंधित समस्याएं दूर होती हैं।
सूर्य पीड़ित हो तो स्वास्थ्य, नेत्र रोग, सरकारी कार्यों में बाधा और पिता से दूरी होती है।
चंद्र दोष से मानसिक अशांति, निद्रा विकार, माता को कष्ट और भावनात्मक अस्थिरता।
मंगल दोष से विवाह में बाधा, दुर्घटना का भय, रक्त विकार और विवादों में उलझना।
बुध दोष से वाणी दोष, शिक्षा में कठिनाई, व्यापार में हानि और निर्णय क्षमता कमजोर।
गुरु दोष से ज्ञान की कमी, संतान सुख में बाधा, आध्यात्मिकता में अड़चन और धन हानि।
शुक्र दोष से दांपत्य सुख में कमी, प्रेम में असफलता, आर्थिक विलासिता में बाधा।
शनि की साढ़ेसाती/ढैय्या में जीवन के हर क्षेत्र में बाधाएं, स्वास्थ्य हानि और थकान।
राहु दोष से भ्रम, धोखा, अचानक नुकसान, विदेश में बाधा और अनजाना भय।
केतु दोष से रहस्यमय बीमारियां, पारिवारिक अलगाव, मानसिक भटकन और पितृ दोष।
प्रत्येक ग्रह की महादशा और अंतर्दशा में अलग-अलग जीवन क्षेत्र प्रभावित होते हैं — जानिए पूजन के बाद क्या बदलाव आता है।
| ग्रह / Graha | मुख्य दुष्प्रभाव | तीव्रता | पूजन के बाद लाभ |
|---|---|---|---|
| ☀️ सूर्य | नेत्र रोग, पिता को कष्ट, सरकारी कार्य में बाधा, यश में कमी | मध्यम | आत्मबल, यश, सरकारी सहायता |
| 🌙 चंद्र | मानसिक अशांति, माता को कष्ट, निद्रा विकार, भावनात्मक अस्थिरता | अत्यधिक | मानसिक शांति, माता का स्वास्थ्य |
| ♂ मंगल | विवाह बाधा, भूमि विवाद, दुर्घटना, भाई से कलह, रक्त विकार | अत्यधिक | विवाह सुख, भूमि लाभ, साहस |
| ☿ बुध | वाणी दोष, शिक्षा में कठिनाई, व्यापार हानि, निर्णय क्षमता कमजोर | मध्यम | बुद्धि, वाकपटुता, व्यापार उन्नति |
| ♃ गुरु | संतान बाधा, ज्ञान की कमी, गुरु से दूरी, धन हानि | मध्यम | संतान सुख, ज्ञान, आध्यात्मिकता |
| ♀ शुक्र | दांपत्य अशांति, प्रेम विफलता, सुख-सुविधा में कमी | मध्यम | वैवाहिक सुख, ऐश्वर्य, प्रेम |
| ♄ शनि | साढ़ेसाती/ढैय्या में सर्वत्र बाधा, थकान, स्वास्थ्य हानि, देरी | अत्यधिक | न्याय, स्थिरता, दीर्घायु |
| ☊☋ राहु-केतु | भ्रम, धोखा, कालसर्प दोष, अचानक नुकसान, पितृ दोष | अत्यधिक | भ्रम मुक्ति, पितृ शांति, सुरक्षा |
Pt. Akshay Sharma द्वारा शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न प्रत्येक नवग्रह पूजन — व्यक्तिगत और विशेष।
जातक का नाम, गोत्र, जन्म तिथि और ग्रह दोष का विवरण लेकर उज्जैन महाकाल के समक्ष विधिवत संकल्प किया जाता है। यहाँ किया गया संकल्प सीधे महाकाल तक पहुंचता है।
सर्वप्रथम भगवान गणेश की विधिवत पूजा की जाती है। फिर पवित्र कलश की स्थापना कर पूजन का शुभारंभ होता है।
शुद्ध और विधिवत तरीके से नवग्रह मंडल तैयार किया जाता है। प्रत्येक ग्रह की अलग रंग की सामग्री से विशेष स्थापना होती है।
प्रत्येक ग्रह के बीज मंत्र का विधिवत जाप — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु के मूल मंत्रों का 108 बार माला से जाप।
नवग्रह स्तोत्र, आदित्य हृदय स्तोत्र और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ किया जाता है। यह ग्रहों को प्रसन्न कर उनकी शांति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रत्येक ग्रह के लिए अलग-अलग सामग्री — तिल, जौ, घी, गुग्गुल — से हवन कुंड में आहुतियां। यज्ञ की अग्नि नकारात्मक ग्रह ऊर्जा को नष्ट करती है।
पूजन के बाद नवग्रह की आरती, पवित्र प्रसाद वितरण और Pt. Akshay Sharma द्वारा व्यक्तिगत परामर्श — कौन से रत्न, रंग, दान और उपाय करें।
आपकी आवश्यकता और बजट के अनुसार तीन पैकेज उपलब्ध हैं। प्रत्येक पैकेज में शुद्ध वैदिक विधि का पालन किया जाता है।
नवग्रह शांति पूजा · ग्रह दोष निवारण
सभी ग्रहों की शांति से जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और स्थिरता आती है।
धन का ठहराव होता है, व्यापार में उन्नति, कर्ज से मुक्ति और नए अवसर मिलते हैं।
चिंता, भय और अवसाद से मुक्ति, जीवन में सकारात्मकता और आत्मबल आता है।
नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में विस्तार और शिक्षा में सफलता मिलती है।
विवाह की बाधाएं दूर होती हैं, दांपत्य जीवन में प्रेम और मधुरता आती है।
घर में शांति, परिवार में प्रेम, संतान सुख और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता।
पुरानी बीमारियों में सुधार, ग्रह जनित रोगों से मुक्ति और शरीर में ऊर्जा का संचार।
पूजा-पाठ में मन लगता है, गुरु कृपा प्राप्त होती है और जीवन में उद्देश्य मिलता है।
सही मुहूर्त में किया गया नवग्रह पूजन कई गुना अधिक फलदायी होता है। Pt. Akshay Sharma आपकी कुंडली अनुसार श्रेष्ठ तिथि निर्धारित करते हैं।
रविवार को पुष्य नक्षत्र — सूर्य ग्रह शांति के लिए वर्ष का श्रेष्ठ मुहूर्त।
सर्वोत्तमगुरुवार को पुष्य नक्षत्र — गुरु ग्रह शांति और सभी मंगल कार्यों के लिए।
अति शुभप्रत्येक माह की अमावस्या — पितृ और ग्रह शांति के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली।
विशेषमहाकाल के पर्व पर नवग्रह पूजन का अद्भुत फल — महाकाल स्वयं कृपा करते हैं।
महापर्वश्रावण माह के प्रत्येक सोमवार — महाकाल पूजन के साथ नवग्रह शांति विशेष लाभदायक।
शुभ12 ज्योतिर्लिंगों में महाकाल एकमात्र दक्षिणाभिमुख है — समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण यहाँ सर्वाधिक प्रभावशाली है।
सभी ग्रहों से ऊपर काल हैं और महाकाल काल के स्वामी — यहाँ की गई ग्रह शांति का फल अतुलनीय है।
पूजन से पूर्व क्षिप्रा में स्नान — ग्रह दोष निवारण में सहायक और समस्त पापों का प्रायश्चित।
शनि, राहु-केतु की विशेष शांति के लिए कालभैरव दर्शन — उज्जैन की अनन्य विशेषता।
उज्जैन भारत की सात मोक्षदायिनी नगरियों में से एक — यहाँ की पूजा का फल कई जन्मों तक रहता है।
Pt. Akshay Sharma उज्जैन की पावन नगरी के अनुभवी और विद्वान वैदिक पंडित हैं। महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन से शुक्ल यजुर्वेद की उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने 10+ वर्षों में हजारों परिवारों को नवग्रह दोष, कालसर्प दोष, मंगल दोष, पितृ दोष और अन्य ग्रह बाधाओं से मुक्ति दिलाई है।
उनकी विशेषता यह है कि वे प्रत्येक जातक की कुंडली का गहन अध्ययन कर व्यक्तिगत नवग्रह पूजन विधि तैयार करते हैं — कोई तैयार पैकेज नहीं, हर पूजा अलग और विशेष।
एक दशक से अधिक वैदिक पूजन का अनुभव और गहरी संस्कृत शिक्षा।
5000 से अधिक परिवारों ने हमारी सेवाओं से लाभ उठाया है।
कोई समझौता नहीं — केवल शास्त्रोक्त विधि, शुद्ध सामग्री।
उज्जैन — कालभैरव, महाकाल, 7 मोक्षदायिनी नगरियों में शामिल।
कभी भी Call या WhatsApp करें — तुरंत परामर्श उपलब्ध।
हर जातक के लिए अलग और विशेष नवग्रह पूजन योजना तैयार की जाती है।
Pt. Akshay Sharma जी ने मेरी कुंडली देखकर शनि और राहु की पीड़ा बताई। नवग्रह पूजन के बाद 3 महीने में मेरी वर्षों से रुकी प्रमोशन हो गई। महाकाल का चमत्कार और पंडित जी का मार्गदर्शन अतुलनीय है।
साढ़ेसाती के कारण व्यापार में भारी नुकसान हो रहा था। Pt. Akshay जी ने शनि शांति के लिए नवग्रह पूजन करवाया। अब व्यापार में स्थिरता आई है और नए आर्डर भी मिलने लगे हैं। पूरे परिवार को राहत मिली।
मेरे बेटे को बार-बार स्वास्थ्य समस्याएं आ रही थीं। पंडित जी ने कुंडली में चंद्र और केतु की पीड़ा बताई। उज्जैन में नवग्रह पूजन के बाद बेटे की तबीयत में सुधार आया। हम हर वर्ष यहाँ आते हैं।
नवग्रह शांति पूजन वह वैदिक अनुष्ठान है जिसमें नौ ग्रहों — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु — की विधिवत पूजा की जाती है। जब कुंडली में कोई ग्रह पीड़ित हो, महादशा-अंतर्दशा चल रही हो, या जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हों, तब यह पूजन अत्यंत लाभकारी होती है।
उज्जैन में काल के स्वामी महाकाल का निवास है। सभी ग्रह काल के अधीन हैं, इसलिए उनके स्वामी के दरबार में की गई पूजा का फल कई गुना अधिक होता है। यहाँ क्षिप्रा नदी, कालभैरव मंदिर और महाकाल की विशेष ऊर्जा मिलकर नवग्रह शांति को अत्यंत प्रभावशाली बनाती है।
Pt. Akshay Sharma आपकी कुंडली देखकर तय करते हैं। यदि एक विशेष ग्रह अधिक पीड़ित है तो उसकी अलग विशेष पूजा होती है। सामान्यतः नवग्रह मंडल में सभी नौ ग्रहों का एक साथ पूजन होता है, जिससे समग्र जीवन में सुधार आता है।
पूजन का फल ग्रह की स्थिति और दोष की तीव्रता पर निर्भर करता है। सामान्यतः 40 दिन से 3 माह में परिणाम दिखने लगते हैं। गंभीर ग्रह दोष के लिए लगातार तीन वर्ष पूजन कराना विशेष लाभकारी होता है।
Basic (₹2,500) में नवग्रह मंत्र पूजा, स्तोत्र पाठ, आरती और प्रसाद शामिल है। Standard (₹5,100) में पूर्ण नवग्रह पूजा, ग्रह शांति हवन, कवच पाठ और प्रसाद+प्रमाण पत्र है। Premium (₹11,000) में महा नवग्रह अनुष्ठान, 5 पंडित, हवन+यज्ञ, प्रसाद, वीडियो रिकॉर्डिंग और पूजन रिपोर्ट शामिल है।
स्वयं उज्जैन आकर पूजन में सम्मिलित होना सर्वोत्तम है। जो जातक आ नहीं सकते, उनके लिए Proxy Puja उपलब्ध है — Video Call के माध्यम से पूजन का साक्षी बन सकते हैं और प्रसाद कूरियर से भेजा जाता है।
Navgraha Puja और Navgraha Shanti Puja दोनों एक ही अनुष्ठान के दो नाम हैं। इसी प्रकार Navagraha Puja, Graha Shanti Puja भी समानार्थी हैं। Pt. Akshay Sharma कुंडली के अनुसार यह निर्धारित करते हैं कि किस ग्रह पर विशेष ध्यान देना है।
राहु-केतु के मध्य सभी ग्रह — कालसर्प दोष निवारण उज्जैन में।
विवाह की बाधाएं और मांगलिक दोष के निवारण के लिए।
महाकाल को पंचामृत से अभिषेक — मनोकामना पूर्ति के लिए।
पूर्वजों के आशीर्वाद और पितृ श्राप से मुक्ति के लिए।
स्वास्थ्य, दीर्घायु और रोग निवारण के लिए विशेष जाप।
उज्जैन के प्रमुख ज्योतिर्लिंग में विशेष दर्शन और पूजन।
विश्वसनीय वैदिक पंडित – उज्जैन महाकाल की नगरी से। Pt. Akshay Sharma | वेद विभूषित | 10+ वर्षों का अनुभव