Mangal Dosh Puja (Manglik Dosh Nivaran) · Mangal Bhat Puja · Ujjain Mahakal · Authentic Shastrokta Vedic Ritual
प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक
Proxy Puja (Online) भी उपलब्ध
जब किसी जातक की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह — लग्न, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है — तो यह स्थिति मंगल दोष (Manglik Dosh) कहलाती है।
इस दोष के कारण विवाह में अत्यधिक विलम्ब, दाम्पत्य जीवन में कलह, करियर में बाधाएं और जीवन में अकस्मात् संकट आने की संभावना बनती है।
मान्यता अनुसार जब मांगलिक व्यक्ति का विवाह किसी गैर-मांगलिक से होता है, तो जीवनसाथी को कष्ट हो सकता है। इसीलिए Mangal Bhat Puja और Mangal Shanti Puja द्वारा इस दोष का निवारण आवश्यक है।
इन भावों में मंगल → मंगल दोष
इन भावों में मंगल की स्थिति → मांगलिक / मंगली
यदि नीचे दिए गए 3 या अधिक लक्षण आपके जीवन में हैं, तो मंगल दोष की कुंडली जांच तुरंत करवाएं।
रिश्ते तय होकर टूट जाते हैं, योग्य वर/वधू नहीं मिलते, विवाह में अत्यधिक देरी।
विवाह के बाद पति-पत्नी में लगातार झगड़े, मनमुटाव, तलाक की नौबत आना।
परीक्षा में असफलता, प्रमोशन नहीं, नौकरी छूटना — कड़ी मेहनत के बाद भी असफलता।
अचानक चोट लगना, रक्त संबंधी रोग, ऑपरेशन की नौबत बार-बार आना।
बिना कारण क्रोध आना, आवेश में गलत निर्णय, रिश्तों में अकड़पन।
सास-बहू, भाई-भाई में विवाद, संतान को कष्ट, घर का वातावरण अशांत रहना।
व्यापार में अचानक घाटा, धन का संचय न होना, साझेदारी में धोखा मिलना।
मांगलिक व्यक्ति के जीवनसाथी को रोग, व्यापार में हानि या आकस्मिक संकट।
♂ यदि 3 या अधिक लक्षण आपके जीवन में हैं — तुरंत कुंडली जांच करवाएं
📞 निःशुल्क परामर्श लेंमंगल ग्रह जिस भाव में स्थित हो और उसकी तीव्रता के आधार पर मंगल दोष के विभिन्न प्रकार होते हैं — प्रत्येक का अलग प्रभाव और निवारण।
स्वास्थ्य पर प्रभाव, व्यक्तित्व में आक्रामकता, जीवनसाथी को कष्ट।
वाणी में कटुता, पारिवारिक धन पर दुष्प्रभाव, मृत्यु तुल्य कष्ट।
गृह सुख में बाधा, माता को कष्ट, भूमि-वाहन विवाद।
सर्वाधिक प्रभावशाली — विवाह और दाम्पत्य पर अत्यधिक दुष्प्रभाव।
आयु, विरासत, गुप्त शत्रु — दुर्घटना और रक्त रोग का भय।
विदेश में कष्ट, शयन सुख में बाधा, अत्यधिक खर्च।
दोष की तीव्रता अधिक — गहन पूजन और मंगल भात आवश्यक।
गुरु, चंद्र, शुक्र की दृष्टि से दोष का प्रभाव कम या नष्ट।
मंगल की महादशा और अंतर्दशा में यह दोष सर्वाधिक सक्रिय रहता है — जानिए कौन सा क्षेत्र कितना प्रभावित होता है।
| जीवन का क्षेत्र | मुख्य प्रभाव | तीव्रता | पूजन के बाद लाभ |
|---|---|---|---|
| 💍 विवाह / वैवाहिक जीवन | विवाह में देरी, रिश्ते टूटना, दाम्पत्य कलह, तलाक | अत्यधिक | बाधाएं दूर, सुखी दाम्पत्य जीवन |
| 🏥 स्वास्थ्य / दुर्घटना | रक्त विकार, अचानक चोट, ऑपरेशन, ऊर्जा में कमी | अत्यधिक | स्वास्थ्य सुधार, दुर्घटना से बचाव |
| 😤 मानसिक स्थिति | अत्यधिक क्रोध, आवेश, अहंकार, उत्तेजना | अत्यधिक | शांत स्वभाव, आत्मनियंत्रण |
| 🚀 करियर / व्यापार | प्रमोशन नहीं, बेरोजगारी, साझेदारी में धोखा | मध्यम | सफलता, नई अवसर, साझेदारी में लाभ |
| 💰 आर्थिक स्थिति | अचानक वित्तीय नुकसान, कर्ज, धन अस्थिरता | मध्यम | धन स्थिरता, व्यापार में उन्नति |
| 👨👩👧 परिवार / संतान | पारिवारिक कलह, संतान को कष्ट, गृह अशांति | मध्यम | पारिवारिक सुख, संतान सुख |
| 🤝 सामाजिक जीवन | शत्रुता, कानूनी विवाद, मित्रों से झगड़ा | सुधार योग्य | सम्मान, मित्रता, विवाद समाप्त |
| 🙏 आध्यात्मिक जीवन | पूजा में बाधा, गुरु कृपा की कमी | सुधार योग्य | आध्यात्मिक उन्नति, गुरु कृपा |
Pt. Akshay Sharma द्वारा शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न मंगल दोष निवारण पूजन — व्यक्तिगत और विशेष।
जातक का नाम, गोत्र, जन्म तिथि और मंगल दोष का विवरण लेकर उज्जैन महाकाल के सामने विधिवत संकल्प किया जाता है। यहाँ किया गया संकल्प सीधे महाकाल तक पहुंचता है।
सर्वप्रथम गणपति जी की पूजा की जाती है। फिर सभी नवग्रहों — विशेष रूप से मंगल ग्रह — की शांति के लिए विधिवत पूजन किया जाता है।
मंगल दोष निवारण की विशेष और सबसे प्रभावशाली विधि। लाल वस्त्र, लाल चंदन और विशेष सामग्री के साथ मंगल ग्रह को भात (चावल) अर्पित किया जाता है। यह पूजन उज्जैन में अत्यंत प्रसिद्ध है।
पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर), जल, गंगाजल, बेलपत्र से भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक। मंगल दोष शांति के लिए यह अत्यंत प्रभावशाली है।
मंगल स्तोत्र, मंगल मूल मंत्र "ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः", महामृत्युंजय मंत्र का विधिवत माला जाप। कुमकुम अर्चना और विशेष मंगल पूजन।
शुद्ध देसी घी, लाल चंदन, गूगल और विशेष मंगल हवन सामग्री से हवन कुंड में आहुतियां। मंगल ग्रह की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।
पूजन के बाद Pt. Akshay Sharma द्वारा जातक को व्यक्तिगत परामर्श, उपाय और आशीर्वाद दिया जाता है। लाल धागे का रक्षा सूत्र, पवित्र प्रसाद और Puja Certificate प्रदान किया जाता है।
अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार पूजन पैकेज चुनें। प्रत्येक पैकेज में शुद्ध वैदिक विधि और व्यक्तिगत सेवा सुनिश्चित है।

विवाह में आने वाली सभी रुकावटें दूर होती हैं, योग्य जीवनसाथी का योग बनता है।
पति-पत्नी के बीच प्रेम, समझ और सद्भाव का वातावरण बनता है।
मंगल की नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है, स्वभाव में शांति और धैर्य आता है।
नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में विस्तार, शिक्षा में सफलता मिलती है।
रक्त विकार में सुधार, दुर्घटना से रक्षा, शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
घर में शांति, परिवार में प्रेम, संतान सुख और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
धन का ठहराव होता है, व्यापार में उन्नति और कर्ज से मुक्ति मिलती है।
जीवन का हर क्षेत्र स्थिर होता है, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल मिलता है।
सही मुहूर्त में किया गया पूजन कई गुना अधिक फलदायी होता है। Pt. Akshay Sharma आपकी कुंडली अनुसार श्रेष्ठ तिथि निर्धारित करते हैं।
प्रत्येक मंगलवार — मंगल ग्रह का विशेष दिन। पूजन के लिए सर्वोत्तम।
सर्वोत्तमश्रावण माह के मंगलवार को मंगल शांति पूजन का विशेष महत्व है।
अति शुभमहाकाल के विशेष पर्व पर मंगल दोष पूजन का अद्भुत फल प्राप्त होता है।
महापर्वप्रत्येक अमावस्या — ग्रह शांति और पितृ दोष निवारण के लिए विशेष।
विशेषचैत्र और शारदीय नवरात्रि में मंगल पूजन — शक्ति और ग्रह शांति दोनों।
शुभ12 ज्योतिर्लिंगों में महाकाल एकमात्र दक्षिणाभिमुख हैं — मंगल और मृत्यु-भय से रक्षा के लिए यहाँ पूजन सर्वाधिक फलदायी है।
मंगल का संबंध मृत्यु, रक्त और अग्नि से है — महाकाल इन तत्वों के स्वामी हैं, इसलिए मंगल दोष निवारण यहाँ सबसे प्रभावशाली होता है।
पूजन से पूर्व क्षिप्रा में स्नान — दोष निवारण में सहायक, कर्मों का प्रायश्चित।
मंगल की अशुभ ऊर्जा के शमन हेतु कालभैरव दर्शन — उज्जैन की अनन्य विशेषता।
उज्जैन (अवंतिका) भारत की सात मोक्षदायिनी नगरियों में से एक — पापों का नाश होता है।

Pt. Akshay Sharma उज्जैन की पावन नगरी के अनुभवी और विद्वान वैदिक पंडित हैं। महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन से शुक्ल यजुर्वेद की उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने 10+ वर्षों में हजारों परिवारों को मंगल दोष, कालसर्प दोष, पित्र दोष और अन्य ग्रह बाधाओं से मुक्ति दिलाई है।
उनकी विशेषता यह है कि वे प्रत्येक जातक की कुंडली का गहन अध्ययन कर व्यक्तिगत पूजन विधि तैयार करते हैं — कोई तैयार पैकेज नहीं, हर पूजा अलग और विशेष।
एक दशक से अधिक वैदिक पूजन का अनुभव और गहरी संस्कृत शिक्षा।
5000 से अधिक परिवारों ने हमारी सेवाओं से लाभ उठाया है।
कोई समझौता नहीं — केवल शास्त्रोक्त विधि, शुद्ध सामग्री।
उज्जैन — कालभैरव, महाकाल, 7 मोक्षदायिनी नगरियों में शामिल।
कभी भी Call या WhatsApp करें — तुरंत परामर्श उपलब्ध।
हर जातक के लिए अलग और विशेष पूजन योजना तैयार की जाती है।
मेरी बेटी की कुंडली में मंगल दोष था जिससे 4 साल से शादी नहीं हो रही थी। Pt. Akshay Sharma जी की मंगल भात पूजा के बाद 3 महीने में ही शादी तय हो गई। उज्जैन आना हमारे लिए जीवन का सर्वश्रेष्ठ निर्णय था।
विवाह के बाद पति-पत्नी में बहुत झगड़े होते थे। पंडित जी ने कुंडली देखकर मंगल दोष बताया और मंगल शांति पूजन करवाया। अब घर में शांति है और रिश्ता मजबूत हुआ है। महाकाल की कृपा से सब ठीक है।
मुझे बार-बार दुर्घटनाएं होती थीं और व्यापार में नुकसान था। Online Proxy Puja करवाई — पंडित जी ने Video Call पर पूरा पूजन दिखाया। अब 6 महीने से सब अच्छा चल रहा है। बहुत धन्यवाद पंडित जी।
जब किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह लग्न, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में होता है तो मंगल दोष बनता है। सामान्य लक्षणों में विवाह में बाधा, दाम्पत्य कलह, अचानक चोट/दुर्घटना, अत्यधिक क्रोध और आर्थिक अस्थिरता शामिल हैं। Pt. Akshay Sharma निःशुल्क कुंडली जांच करते हैं।
उज्जैन में महाकाल का निवास है जो मृत्यु, काल और रक्त के स्वामी हैं — मंगल ग्रह भी रक्त, अग्नि और मृत्यु-भय से संबंधित है। इसलिए यहाँ की गई मंगल शांति पूजा सर्वाधिक प्रभावशाली मानी जाती है। कालभैरव मंदिर भी मंगल ग्रह शांति के लिए अनन्य है।
मंगल भात पूजा एक विशेष विधि है जिसमें मंगल ग्रह को भात (चावल) अर्पित किया जाता है — यह मंगल दोष के लिए सबसे प्रभावशाली उपाय माना जाता है, विशेषतः विवाह की बाधाओं के लिए। मंगल शांति पूजा अधिक व्यापक है जिसमें हवन, मंत्र जाप और रुद्राभिषेक सम्मिलित होते हैं।
मंगल दोष पूजन के लिए मंगलवार, श्रावण माह के मंगलवार, महाशिवरात्रि और नवरात्रि सर्वोत्तम हैं। Pt. Akshay Sharma कुंडली देखकर जातक के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त का निर्धारण करते हैं।
दोष की तीव्रता के आधार पर पूजन 1 से 3 बार कराने की सलाह दी जाती है। हल्के मंगल दोष में एक बार पर्याप्त होता है। गंभीर दोष में 3 मंगलवार या विशेष अवसरों पर पूजन कराना और अधिक लाभकारी होता है।
यदि संभव हो तो स्वयं उज्जैन आकर पूजन में सम्मिलित होना सर्वोत्तम है। जो जातक आ नहीं सकते, उनके लिए Proxy Puja की व्यवस्था है जिसमें Video Call के माध्यम से पूजन का साक्षी बन सकते हैं और Photo/Video भेजी जाती है।
Mangal Dosh (मंगल दोष), Manglik Dosh (मांगलिक दोष) और Kuja Dosh — ये सभी एक ही दोष के अलग-अलग नाम हैं। इसी प्रकार जिस व्यक्ति की कुंडली में यह दोष होता है उसे मांगलिक / मंगली कहते हैं।
राहु-केतु के बीच सभी ग्रहों से बना दोष — उज्जैन में विशेष निवारण।
सभी नौ ग्रहों की शांति, उज्जैन महाकाल में विशेष पूजन।
महाकाल को पंचामृत से अभिषेक — मनोकामना पूर्ति के लिए।
पूर्वजों के आशीर्वाद और पितृ श्राप से मुक्ति के लिए।
स्वास्थ्य, दीर्घायु और रोग निवारण के लिए विशेष जाप।
उज्जैन के प्रमुख ज्योतिर्लिंग में विशेष दर्शन और पूजन।
विश्वसनीय वैदिक पंडित – उज्जैन महाकाल की नगरी से। Pt. Akshay Sharma | वेद विभूषित | 10+ वर्षों का अनुभव
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